120 Bahadur Movie Review in Hindi में जानिए कैसे Farhan Akhtar की यह फिल्म Major Shaitan Singh Bhati और Rezang La के 120 बहादुर सैनिकों की सच्ची वीरगाथा को बड़े पर्दे पर जिंदा करती है। पहले रिव्यू, कहानी, एक्टिंग, सिनेमैटोग्राफी और हमारी पूरी डिटेल्ड राय यहां पढ़ें।
120 Bahadur Movie Review :इमोशनल वॉर फिल्म
120 Bahadur सिर्फ एक वॉर फिल्म नहीं, बल्कि 1962 की Rezang La Battle में शहीद हुए Major Shaitan Singh Bhati और उनकी टुकड़ी के 120 सैनिकों को समर्पित सिनेमैटिक श्रद्धांजलि है। Farhan Akhtar स्टारर यह फिल्म कोशिश करती है कि युद्ध की आग, सैनिकों का साहस, त्याग और अंदर छिपा डर सब कुछ बड़े पर्दे पर ईमानदारी से दिखाया जा सके।
फिल्म कहीं-कहीं इमोशन के स्तर पर ठोकर खाती जरूर है, लेकिन जब यह अपने असली रूप, यानी युद्ध के मैदान में उतरती है, तो कई सीन्स सीधे दिल तक पहुंचते हैं। 120 Bahadur movie review के इस आर्टिकल में हम कहानी, एक्टिंग, डायरेक्शन, टेक्निकल पहलू, सोशल मीडिया रिएक्शन और ओवरऑल वर्डिक्ट सब कुछ डीटेल में जानेंगे ताकि आप तय कर सकें कि ये फिल्म आपके लिए must watch है या नहीं।
120 Bahadur Movie: बेसिक डिटेल्स और ओवरव्यू
फिल्म का नाम: 120 Bahadur
जॉनर: War Drama / Patriotic Film
आधार: 1962 की Rezang La की ऐतिहासिक लड़ाई, 13 Kumaon Regiment की Charlie Company
मुख्य किरदार: Major Shaitan Singh Bhati
लीड स्टार कास्ट: Farhan Akhtar – Major Shaitan Singh Bhati,Sparsh Walia – Radio Operator Ramchander Yadav
Raashii Khanna,Vivan Bhathena,Eijaz Khan (Commanding Officer)
अन्य कलाकार – सैनिकों की टुकड़ी के रूप में
Direction: Razneesh ‘Razy’ Ghai
Writing: Rajiv G. Menon
Cinematography: Tetsuo Nagata
Editing: Rameshwar S. Bhagat
Music: Amit Trivedi, Salim–Sulaiman
Background Score: Satish Raghunathan
Voiceover Narration: Amitabh Bachchan
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कहानी किस बारे में है? – Rezang La की लड़ाई का सिनेमाई पुनर्कथन
फिल्म की जड़ें जुड़ी हैं 1962 के भारत-चीन युद्ध से, जहां Rezang La के मोर्चे पर 13 Kumaon Regiment की Charlie Company के सिर्फ 120 भारतीय सैनिकों ने लगभग 3,000 चीनी सैनिकों के सामने डटकर मुकाबला किया। कहानी हमें ले जाती है लद्दाख की बर्फ से ढकी, बेहद ठंडी और कठोर परिस्थितियों में, जहां ऑक्सीजन कम है, संसाधन सीमित हैं, लेकिन हौसला अटूट है। सैनिकों के पास हथियार और गोला-बारूद भी सीमित हैं
टेंपरेचर जानलेवा है ,सप्लाई मुश्किल से पहुंचती है लेकिन इन सबके बावजूद उनकी एक ही सोच है पीछे हटने से अच्छा है, आखिरी सांस तक लड़ते रहना।
फिल्म का बड़ा हिस्सा Charlie Company के रोजमर्रा के संघर्ष, उनकी हंसी-मज़ाक, डर, परिवारों की याद और उस बंधन को दिखाता है जिसे हम regimental brotherhood कह सकते हैं।
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शक्तिशाली शुरुआती सीक्वेंस – Amitabh Bachchan की आवाज़ से सिहर उठती है रूह
फिल्म का ओपनिंग सीक्वेंस इसकी सबसे बड़ी highlights में से एक है। Amitabh Bachchan की गूंजती हुई आवाज़ 1960 के दशक का पॉलिटिकल माहौल, Hindi-Chini Bhai-Bhai की सोच, और फिर उसके बाद आए धोखे और युद्ध की त्रासदी को बयां करती है। यहीं से फिल्म का टोन सेट हो जाता है ये सिर्फ एक एंटरटेनमेंट फिल्म नहीं, बल्कि एक historical war tribute है।
First Half :120 Bahadur Movie Review in Hindi
फिल्म का पहला हाफ रेडियो ऑपरेटर Ramchander Yadav (Sparsh Walia) की यादों से शुरू होता है। उसकी नज़र से हम लद्दाख की बर्फीली चौकी पर तैनात सैनिकों को देखते हैं उनकी ड्यूटी, उनकी बातचीत, उनकी टेंशन और हौसले को समझते हैं यह महसूस करते हैं कि वो सिर्फ यूनिफॉर्म में नंबर नहीं, बल्कि अपने-अपने परिवारों, सपनों और डर के साथ जिंदा इंसान हैं यहां से लगता है कि फिल्म पूरी तरह Major Shaitan Singh (Farhan Akhtar) के इर्द-गिर्द घूमने वाली है। पर धीरे-धीरे स्क्रीनप्ले साफ कर देता है कि यह सिर्फ एक हीरो की नहीं, बल्कि 120 बहादुरों की कहानी है।
फर्स्ट हाफ की कमज़ोरियां कुछ इमोशनल सीन्स उतने गहरे नहीं लगते, जितने हो सकते थे Shaitan Singh और उनकी पत्नी पर फिल्माया गया गाना फ्लो तोड़ता महसूस होता है कई जगह फिल्म यह तय नहीं कर पाती कि फोकस ज़्यादा किस पर हो भावनाओं पर या रणनीति पर फिर भी, इस हिस्से की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां सिर्फ एक स्टार की इमेज नहीं, बल्कि पूरी टुकड़ी की कहानी को बराबर स्पेस दिया गया है।
Second Half
जब फिल्म अपने असली रूप में आती है Second Half शुरू होते ही फिल्म एकदम अलग मोड में चली जाती है। जैसे-जैसे दुश्मन की तैयारी नज़र आने लगती है बर्फीले मोर्चे पर तनाव बढ़ता है सैनिकों को एहसास होता है कि अब वापसी के रास्ते नहीं हैं फिल्म अपने core zone में आ जाती है युद्ध के दृश्य।
यहां हाथों-हाथ लड़ाई हो रही है क्लोज रेंज फायरिंग है बर्फ में घुटनों तक धंसे सैनिक अपनी आखिरी सांस तक लड़ रहे हैं Handheld camera का इस्तेमाल फिल्म को रॉ और रियल बनाता है क्लाइमैक्स के आसपास के कई सीन्स दिल दहला देते हैं, खासकर वो पल, जब एक सैनिक मरते हुए अपने साथी को चॉकलेट देता है और कहता है कि, मैं किसी का उधार लेकर नहीं मरना चाहता। बाद में वही चॉकलेट अगला सैनिक तीसरे के साथ शेयर करता है,और वहीं दोनों शहीद हो जाते हैं ये छोटी-छोटी चीज़ें फिल्म को सिर्फ battle recreation से ऊपर उठाकर भावनात्मक homenagem बना देती हैं।
120 Bahadur Movie Review in Hindi के कलाकारों की परफॉर्मेंस
Farhan Akhtar as Major Shaitan Singh Bhati
Farhan Akhtar इस फिल्म के चेहरे हैं, लेकिन फिल्म की आत्मा सिर्फ उन्हीं पर टिकी नहीं है।
प्लस पॉइंट्स: स्क्रीन पर उनकी गरिमा और शांति अच्छी लगती है वह अपने स्टारडम को पीछे रखकर बाकी कलाकारों को भी बराबर स्पेस देते हैं क्लाइमेक्स की लड़ाई में उनका जोश और निर्णय साफ दिखता है
कमियां: उनकी बहुत साफ, पॉलिश्ड हिंदी और अर्बन टोन कई जगह राजस्थानी, रॉ मिलिट्री वाइब से mismatch करता है कद-काठी और बॉडी लैंग्वेज हमेशा Major Shaitan Singh की इमेज से मेल नहीं खाती कई डायलॉग्स ऐसे लगते हैं जैसे वो Farhan Akhtar बोल रहे हैं किरदार नहीं ,इसीलिए कई दर्शकों को लगता है कि Farhan की कास्टिंग थोड़ी misfit है हालांकि उनकी ईमानदारी महसूस होती है।
Sparsh Walia
फिल्म का इमोशनल एंकर Radio Operator Ramchander Yadav के रूप में Sparsh Walia पूरी तरह फिट बैठते हैं।
उनकी आंखों में डर, जज्बा और मासूमियत एक साथ नज़र आती है जब वो अपनी स्मृतियों के माध्यम से कहानी सुनाते हैं, तो दर्शक उनसे जुड़ जाता है
उनकी परफॉर्मेंस over the top नहीं, बल्कि grounded रहती है जो war drama में बहुत जरूरी है कई मायनों में, वे फिल्म के सबसे स्ट्रॉन्ग परफॉर्मर्स में से एक हैं।

Supporting Cast
जहां हर सैनिक खुद एक ‘बहादुर’ है फिल्म की असली रूह इसका सपोर्टिंग कास्ट है।
Raashii Khanna शैतान सिंह की पत्नी के रूप में सादगी और इमोशन लाती हैं। उनका ट्रैक लंबा नहीं, लेकिन सैनिकों के परिवारों के दर्द की झलक देता है।
Vivan Bhathena, Ankitt S, अन्य साथी कलाकार उनकी दोस्ती, हंसी-मज़ाक, डर और आखिरी सांस तक की लड़ाई दर्शक को बांधे रखती है।
Eijaz Khan – Commanding Officer के रूप में कम लेकिन असरदार स्क्रीन टाइम। आखिरी सीन, जिसमें वे शैतान सिंह की पत्नी को बताते हैं कि आखिरी दम तक मेजर के साथ उनके 120 बहादुर थे वाकई गले में lump छोड़ जाता है। इन सभी कलाकारों ने फिल्म में authenticity और emotional weight जोड़ा है। कई जगह वो Farhan से ज्यादा याद रह जाते हैं।
Direction & Writing
Director Razneesh ‘Razy’ Ghai, जो खुद एक Army officer के बेटे हैं, साफ दिखाते हैं कि उन्हें मिलिट्री लाइफ और ground reality की समझ है।
पॉज़िटिव्स: Green screen पर निर्भर रहने की बजाय real locations पर शूट करने का साहसिक फैसला सैनिकों के बीच भाईचारे को दिखाने पर खास फोकस ये सोच कि फिल्म सिर्फ “एक हीरो” की नहीं, बल्कि 120 सैनिकों की कहानी है।
लेकिन Script और Screenplay में कुछ दिक्कतें हैं: First half कई जगह अपनी मंज़िल खोजता हुआ लगता है कुछ इमोशनल सीन्स सिर्फ बताते हैं, महसूस कम करवाते हैं फिल्म कई बार पूरी तरह emotional depth या war strategy में से कोई एक पकड़ने की बजाय दोनों के बीच उलझी लगती है Rajiv G. Menon की writing सम्मानजनक और गंभीर है, लेकिन अगर first half में भावनाओं को थोड़ा और गहराई से explore किया जाता तो फिल्म का impact और ज़्यादा हो सकता था।
Cinematography, Action और Background Score – फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
Tetsuo Nagata की cinematography फिल्म का सबसे बड़ा highlight है। लद्दाख की बर्फीली घाटियां, तेज हवाएं, खाली पहाड़ और बंकर – सब कुछ इतना खूबसूरती से कैद किया गया है कि दर्शक खुद को उसी ऊंचाई पर महसूस करता है Wide shots से लेकर close-up expressions तक, हर फ्रेम कहानी कहता है।
Action Sequences: Handheld कैमरा, tight फ्रेम और बिना ज़्यादा stylish slow motion के Hand-to-hand combat सीन्स खास तौर पर याद रह जाते हैं गोलियों की आवाज़, बर्फ में गिरते सैनिक, आखिरी सांस तक लड़ाई – सब कुछ रॉ और रियल लगता है।
Music & Background Score
Amit Trivedi और Salim–Sulaiman का म्यूज़िक soulful भी है और patriotic भी Satish Raghunathan का background score tension बढ़ाता है, लेकिन scenes पर हावी नहीं होता दूसरे हाफ में आने वाला गाना “Yad Aate Hain” कहानी के साथ मेल खाता है और इमोशन को सहारा देता है।
120 Bahadur: सोशल मीडिया पर आए शुरुआती रिव्यू
120 Bahadur की शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों और क्रिटिक्स के पहले प्रतिक्रियाओं ने साफ संकेत दिया है कि फिल्म अपनी नीयत, तकनीकी गुणवत्ता और युद्ध के चित्रण में मजबूत साबित होती है। शुरुआती समीक्षाओं से पता चलता है कि दर्शक फिल्म की टेक्निकल टीम और इसकी विजुअल प्रामाणिकता से खासे प्रभावित हुए हैं।
सोशल मीडिया पर दर्शकों ने फिल्म को लेकर उत्साही प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने इसे तकनीकी रूप से बेहद दमदार बताया और लिखा कि सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और विजुअल फ्रेमिंग फिल्म को एक अलग ऊंचाई देते हैं। फिल्म के युद्ध दृश्य दर्शकों को वास्तविक और तीखे लगे, जिससे Rezang La की ऐतिहासिक लड़ाई की गंभीरता और अधिक प्रभावशाली महसूस हुई।
कुछ दर्शकों ने साझा किया कि फिल्म देखने के बाद Rezang La के वीर सैनिकों के प्रति उनकी भावनाएं और सम्मान और गहरा हो गया है। एक दर्शक, जो खुद Rezang La दर्रे तक पैदल यात्रा कर चुके हैं ने फिल्म की विजुअलाइजेशन की जमकर सराहना की और कहा कि स्क्रीन पर दिखाई गई जगह का माहौल असल लोकेशन के काफी करीब लगता है।
120 Bahadur के शुरुआती रिव्यू बताते हैं कि यह फिल्म तकनीकी और भावनात्मक दोनों स्तरों पर दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है। हालांकि कुछ हिस्सों में गति थोड़ी धीमी महसूस हो सकती है, लेकिन फिल्म का प्रभाव और उसका उद्देश्य अधिकांश दर्शकों तक साफ तौर पर पहुँचता है।
कोर्ट केस और रिलीज कंट्रोवर्सी
फिल्म की रिलीज से ठीक पहले एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें आरोप था कि फिल्म में historical facts को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है। इस पर: दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई कोर्ट ने माना कि इस स्टेज पर फिल्म का टाइटल बदलना रिलीज डेट आगे बढ़ाना।
संभव नहीं है कोर्ट ने यह भी नोट किया कि फिल्म के अंत में सैनिकों को स्पेशल ट्रिब्यूट दिया गया है अंततः कोर्ट ने फिल्म को निर्धारित तारीख पर रिलीज की अनुमति दे दी और याचिका को निपटा दिया।
120 Bahadur Movie – देखें या नहीं?
अब सबसे बड़ा सवाल “120 Bahadur movie dekhni chahiye ya nahi?”
अगर आप: वॉर फिल्में पसंद करते हैं Rezang La की लड़ाई के बारे में जानना चाहते हैं ऐसी कहानियां देखना पसंद करते हैं जो सच्चे हीरोज को याद दिलाएं तो ये फिल्म आपके लिए कम से कम एक बार देखने लायक है।
फिल्म की खूबियां: Real लोकेशन पर शूट हुए धांसू वॉर सीन्स Cinematography जो आपको ठंड, ऊंचाई और खतरे का एहसास कराए Supporting actors की honest और दमदार परफॉर्मेंस Rezang La के 120 बहादुरों को सच्ची श्रद्धांजलि देने की कोशिश
कमियां:First half में भावनाएं उतनी गहराई से नहीं उतर पातीं Farhan Akhtar की कास्टिंग कई जगह मिसफिट लगती है
कुछ scenes में फिल्म cinematic brilliance की बजाय safe zone में रहती है
रेटिंग – 120 Bahadur Movie Review Rating
कुल मिलाकर, 120 Bahadur एक ऐसी फिल्म है जिसमें:
- दिल भी है, मेहनत भी है, इरादा भी है लेकिन execution उसे महान फिल्म की जगह अच्छी और इज़्ज़तदार war film वाले खांचे में रखता है।
⭐ Our Rating: 3/5 Stars
ये फिल्म शायद आपको रुला दे, गला भर दे, और सबसे ज़्यादा आपको याद दिलाए कि असली हीरो बड़े पर्दे पर नहीं, सरहद पर खड़े होते हैं।
120 Bahadur Movie Review in Hindi: FAQ
Q1. 120 Bahadur किस पर आधारित फिल्म है?
Ans: 120 Bahadur 1962 के भारत-चीन युद्ध में Rezang La की लड़ाई पर आधारित है, जहां 13 Kumaon Regiment की Charlie Company के 120 भारतीय सैनिकों ने लगभग 3,000 चीनी सैनिकों का सामना किया था।
Q2. 120 Bahadur movie का मुख्य फोकस क्या है – युद्ध या इमोशन?
Ans: फिल्म दोनों को मिलाकर चलती है। First half में इमोशनल build-up और सैनिकों की पर्सनल लाइफ पर फोकस है, जबकि second half में intense battle sequences फिल्म का मुख्य आकर्षण बन जाते हैं।
Q3. 120 Bahadur Movie Review में Farhan Akhtar की परफॉर्मेंस को कैसे देखा जा रहा है?
उनकी परफॉर्मेंस dignified और controlled है, लेकिन भाषा, टोन और फिजिकलिटी की वजह से कई दर्शकों को वो Major Shaitan Singh के किरदार में थोड़ा मिसफिट लगते हैं। फिर भी क्लाइमेक्स में उनका impact महसूस होता है।
Q4. क्या 120 Bahadur सिर्फ Farhan Akhtar की फिल्म है?
नहीं, ये फिल्म साफ तौर पर ensemble cast पर टिकी है। कहानी 120 सैनिकों की है, और कई supporting actors का काम Farhan जितना ही यादगार बनकर सामने आता है।
Q5. क्या यह फिल्म फैमिली के साथ देखी जा सकती है?
फिल्म वॉर ड्रामा है, जिसमें युद्ध के तीखे और भावनात्मक सीन्स हैं। कंटेंट गंभीर है, लेकिन देशभक्ति और बलिदान के संदेश के कारण इसे परिवार के साथ भी देखा जा सकता है, खासकर बड़े बच्चों के साथ।
Q6. 120 Bahadur movie की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
इसकी सबसे बड़ी ताकत है – सिनेमैटोग्राफी, रियल लोकेशन, वॉर सीक्वेंस और तकनीकी execution, जो Rezang La की लड़ाई को रॉ और रियल महसूस कराते हैं।
Q7. क्या फिल्म में गाने ज़्यादा हैं और क्या वो flow तोड़ते हैं?
फिल्म में गानों की संख्या ज़्यादा नहीं है, लेकिन first half में एक गाना कहानी के फ्लो को थोड़ा स्लो कर देता है। second half में आने वाला गाना भावनात्मक connect को बढ़ाता है।
Q8. 120 Bahadur first reviews सोशल मीडिया पर कैसे रहे?
शुरुआती reviews में लोगों ने फिल्म की technical quality, cinematography, background score और युद्ध के सीन्स की जमकर तारीफ की है। कई लोगों ने इसे एक ईमानदार tribute बताया है।
Q9. क्या 120 Bahadur सिर्फ देशभक्ति के नाम पर बनाई गई फिल्म लगती है?
नहीं, फिल्म युद्ध की कीमत, सैनिकों के sacrifice और उनके परिवारों के दर्द को भी दिखाती है। हां, कुछ हिस्सों में इमोशनल depth कम महसूस होती है, लेकिन overall tone सच्चा और respectful है।
Q10. अगर मैं सिर्फ एक अच्छी वॉर फिल्म देखना चाहता हूं, क्या 120 Bahadur मेरे लिए सही choice है
अगर आप Rezang La की लड़ाई के बारे में जानना चाहते हैं, मजबूत विजुअल्स और realistic battle scenes देखना पसंद करते हैं, तो 120 Bahadur movie आपके लिए एक अच्छी choice है। लेकिन अगर आप बहुत गहरी, अंदर तक हिला देने वाली emotional war film की उम्मीद से जा रहे हैं, तो आप कुछ हिस्सों में थोड़ा कम महसूस कर सकते हैं।