Kisan Credit Card Yojana 2025: किसानों को सस्ते कृषि ऋण, 4% ब्याज दर, ₹5 लाख तक लिमिट और आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया। पात्रता, फायदे और डॉक्यूमेंट की पूरी जानकारी।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना
क्या है किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)?
किसान क्रेडिट कार्ड, जिसे आमतौर पर kisan credit card कहा जाता है भारत सरकार द्वारा किसानों को खेती से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए आसान और सस्ता ऋण उपलब्ध कराने हेतु शुरू की गई एक विशेष योजना है।
इस योजना के तहत किसानों को एक प्रकार का क्रेडिट-कार्ड (डेबिट/एटीएम कार्ड जैसा) जारी किया जाता है जिसके माध्यम से वे जरूरत पड़ने पर फसल से जुड़े खर्च जैसे बीज, खाद, कीटनाशक, फरिश्ते, मजदूरी, पशुपालन, मत्स्य पालन आदि के लिए धन प्राप्त कर सकते हैं। kisan vredit card पहली बार 1998 में लागू हुई थी। बाद में इसे और व्यापक बनाया गया ताकि अधिकतम किसान इसका लाभ उठा सकें।
KCC का उद्देश्य और कवरेज
KCC का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसान को खेती बाड़ी और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए समय पर पर्याप्त और सस्ता क्रेडिट मिले। इसे वन स्टॉप क्रेडिट विंडो के रूप में डिजाइन किया गया है।
kisan credit card सिर्फ फसल तक सीमित नहीं है पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी, हॉर्टिकल्चर, मधुमक्खी पालन आदि कृषि-संबद्ध गतिविधियाँ भी इस योजना के दायरे में आती हैं। इस प्रकार, यह योजना किसानों को उनकी खेती व कृषि-आधारित आजीविका को सुचारु रूप से चलाने में मदद करती है, और उन्हें पारम्परिक महँगाई वाले कर्जदाताओं (जैसे गैर-बैंकिंग लोनर्स) पर निर्भर रहने से बचाती है।
KCC कैसे काम करता है
kisan credit card एक रिवॉल्विंग कैश क्रेडिट अकाउंट की तरह काम करता है मतलब किसान को एक क्रेडिट लिमिट दी जाती है और वे ज़रूरत पड़ने पर उस लिमिट तक पैसे निकाल सकते हैं। भुगतान के बाद लिमिट फिर से उपयोग के लिए उपलब्ध हो जाती है।
लोन राशि, लिमिट आदि आधार तय होते हैं जैसे ज़मीन की स्थिति (land-holding) फसल पैटर्न, खेती का खर्च आदि के आधार पर। कार्ड की वैधता आमतौर पर 5 साल होती है, और समय-समय पर बैंक/सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे रिन्यू किया जा सकता है।
ब्याज दर, सब्सिडी और वित्तीय लाभ
kisan credit card के तहत दी जाने वाली लोन राशि पर सामान्यत: 7% प्रति वर्ष की ब्याज दर होती है।
सरकार द्वारा ब्याज सब्सिडी दी जाती है जिससे effective ब्याज दर कम होती है। कई बैंकों में यह सब्सिडी prompt repayment incentive मिलते हैं। उदाहरणत यदि किसान समय पर लोन चुकाता है, तो ब्याज दर और घटकर करीब 4% प्रति वर्ष तक हो सकती है। इससे सामान्य पर्सनल लोन या गैर-सरकारी कृषि कर्ज की तुलना में किसानों को बहुत सस्ता और सुविधाजनक कर्ज मिलता है। इससे वे कृषि इनपुट्स, मशरूम, बीज, खाद, मजदूरी आदि समय पर उठा पाते हैं जिससे खेती सुचारु होती है।
केसीसी के लाभ
- समय पर और आसान फंड उपलब्धता: जब भी जरूरत हो फसल बोने से लेकर कटाई और पशुपालन/मत्स्य पालन तक बैंक से लोन तुरंत मिल जाता है। कम ब्याज, सुलभ शर्तें: सब्सिडी और repayment incentive की वजह से ब्याज दर कम होती है।
- लचीली भुगतान व्यवस्था: चूंकि यह रिवॉल्विंग लोन है, किसान फसल बिकने या अन्य आय मिलने पर लोन चुका सकते हैं; मासिक ईएमआई का दबाव नहीं रहता।
- कृषि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए लोन: सिर्फ फसल नहीं पशुपालन, मत्स्य पालन, हरी सब्ज़ियाँ, फल-पौधे, दूध उत्पादन आदि के लिए ऋण मिल सकता है।
- फसल बीमा या अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ने की सहूलियत कई राज्यों और बैंकों की नीतियों के अनुसार, KCC लोन लेने वाले किसान फसल बीमा जैसे लाभ भी उठा सकते हैं।
- पैसे लेने और चुकाने की लचीलापन जितना लिया गया, उतना ही चुकाना पुनः लिमिट उपलब्ध जिससे अलग से लोन लेने की जरूरत नहीं।

kisan credit card :पात्रता
केसीसी के लिए आवेदन करने वाले निम्न प्रकार के किसान पात्र होते हैं:खेती करने वाले स्वामी-कृषक किराए की या पट्टे की ज़मीन पर खेती करने वाले, बटाईदार किसान, मौखिक पट्टेदार किसान संयुक्त देयता समूह (Joint Liability Groups JLGs), स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups SHGs) जिनमें कृषक हों सिर्फ फसल ही नहीं पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी आदि से जुड़े किसान भी पात्र हैं।
आवेदन प्रक्रिया ;How to Apply kisan credit card
- बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाएँ, कृषि/एग्री लोन / KCC सेक्शन चुनें।
- आवेदन फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे पहचान-प्रमाण, पता-प्रमाण, जमीन/कृषि प्रमाण आदि) अपलोड या जमा करें।
- आवेदन जमा करने पर रेफरेंस नंबर मिलेगा; पात्रता मिलने पर बैंक आगे प्रक्रिया करेगा।
ऑफलाइन आवेदन :kisan credit card
- अपने नजदीकी बैंक की शाखा जाएँ (सरकारी, ग्रामीण, सहकारी, क्षेत्रीय बैंक आदि)।
- आवेदन पत्र लें, भरें और ज़रूरी दस्तावेजों के साथ जमा करें।
- बैंक अधिकारी आपकी फसल, जमीन, खेती-पैटर्न आदि चेक कर लोन सीमा तय करेगा।
- नोट: अधिकांश बैंकों में ₹3 लाख तक की लोन सीमा पर प्रोसेसिंग शुल्क नहीं होती है।
KCC का प्रभाव — क्यों है यह किसानों के लिए “फाइनेंशियल लाइफलाइन”?
kisan credit card ने उन किसानों के लिए कर्ज सुलभ बनाया है, जो पारम्परिक बैंक लोन या महँगे गैर-बैंकिंग लोन नहीं ले पाते थे। इसने “पैसे की कमी” के कारण खेती में होने वाले बाधा को काफी हद तक घटाया है।
इससे किसान आधुनिक खेती के उपकरण, बेहतर बीज, उर्वरक, कीटनाशक आदि समय पर खरीद पाते हैं जिससे उत्पादन बढ़ता है और खेती अधिक लाभदायक बनती है।
kisan credit card की वजह से गाँवों में आर्थिक असुरक्षा कम होती है, खेती-काम में आत्म-निर्भरता आती है, और किसान महँगाई व कर्जदाताओं के चक्र से बचता है।
साथ ही, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य कृषि-संबद्ध गतिविधियों को भी सशक्त बनाने में मदद मिलती है जिससे ग्रामीण livelihood diversified होती है
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, किसान क्रेडिट कार्ड (kisan credit card ) योजना भारत के किसानों के लिए एक क्रांतिकारी पहल रही है।
कम ब्याज दर, आसान आवेदन प्रक्रिया, लचीली भुगतान शर्तें और समय-समय पर लोन उपलब्धता इन सबके कारण यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।
यदि आप खेती करते हैं चाहे फसल, पशुपालन, मत्स्य पालन या डेयरी और अभी तक KCC आपने नहीं लिया है, तो यह आपके लिए एक बहुत उपयोगी उपकरण हो सकता है।
आज ही अपने नज़दीकी बैंक से संपर्क करें या ऑनलाइन आवेदन करके अपने कृषि वित्तीय भविष्य को मजबूत करें।