Cyclone Montha live Update: IMD के अनुसार ‘मोंथा’ तूफान तेजी से काकीनाडा की ओर बढ़ रहा है, 28 अक्टूबर को लैंडफॉल की संभावना। 269 राहत केंद्र सक्रिय, अरब सागर में भी नया डिप्रेशन बना।
नई दिल्ली / काकीनाडा, 27 अक्टूबर 2025
बे ऑफ बंगाल (Bay of Bengal) में बना चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) तेजी से ताकत पकड़ रहा है और अब यह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह 9:47 बजे जारी ताज़ा बुलेटिन में बताया कि यह सिस्टम अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदलने की कगार पर है।
Cyclone Montha की वर्तमान स्थिति
IMD के अनुसार, “मोंथा” [उच्चारण: Mon-Tha] बीती रात 6 घंटे में लगभग 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा (northwestwards) की ओर बढ़ा है।
आज 27 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:30 बजे (IST) यह तूफान दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के पास 12.2°N अक्षांश और 85.3°E देशांतर पर स्थित था।
यह चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 560 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 620 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, विशाखापत्तनम से 650 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, गोपालपुर (ओडिशा) से 790 किमी दक्षिण और पोर्ट ब्लेयर (अंडमान-निकोबार) से 810 किमी पश्चिम में स्थित है।
आगे क्या होगा?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 12 घंटों में यह सिस्टम और तेज़ी से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा और फिर उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में मुड़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह तक “Severe Cyclonic Storm” का रूप ले सकता है।
यह चक्रवात 28 अक्टूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश तट (Andhra Pradesh Coast) के बीच — मछलीपट्टनम (Machilipatnam) और कलींगपट्टनम (Kalingapatnam) के आसपास, काकीनाडा के पास — ज़मीन से टकरा सकता है।
इस दौरान हवाओं की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, जबकि झोंके 110 किमी/घंटा तक जा सकते हैं।
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प्रशासन ने की पूरी तैयारी
संभावित तबाही को देखते हुए काकीनाडा ज़िला प्रशासन ने 269 राहत एवं पुनर्वास केंद्र (relief & rehabilitation centres) सक्रिय कर दिए हैं।
सबसे अधिक जोखिम वाले उप्पदा तटीय क्षेत्र (Uppada Coast) में 59 राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि मछुआरा समुदाय को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा सके।
ज़िला कलेक्टर एस. शन मोहन (S. Shan Mohan) ने बताया कि राहत कार्यों के लिए NDRF के 30 और SDRF के 50 जवान मौके पर तैनात हैं।
राज्य के नगर प्रशासन मंत्री पी. नारायण (P. Narayana) स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और तटीय इलाकों में अधिकारियों की तैनाती की समीक्षा कर रहे हैं।
वहीं डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा ज़िले में किसानों को धान की कटाई रोकने की सलाह दी गई है, क्योंकि अगले दो दिनों में तेज़ हवाओं और भारी वर्षा की संभावना है।
Arabian Sea में भी डिप्रेशन सक्रिय
इधर अरब सागर (Arabian Sea) में भी एक और सिस्टम विकसित हुआ है। IMD के अनुसार, पूर्व-मध्य अरब सागर (Eastcentral Arabian Sea) में बना डिप्रेशन बीते छह घंटे में 20 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व दिशा (north-northeastwards) की ओर बढ़ा है।
सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम 16.1°N अक्षांश और 66.8°E देशांतर पर स्थित था —
जो मुंबई (Maharashtra) से लगभग 720 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम, पणजी (Goa) से 750 किमी पश्चिम, अमिनिदिवी (Lakshadweep) से 850 किमी उत्तर-पश्चिम, और मंगलुरु (Karnataka) से 940 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम में है।
IMD का कहना है कि यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में पूर्व-मध्य अरब सागर (Eastcentral Arabian Sea) के ऊपर उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ेगा।
चेतावनी और अपील
- मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
- तटीय इलाकों में लोगों को ऊंचे स्थानों पर रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्थानीय कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
(स्रोत: भारतीय मौसम विभाग – IMD, काकीनाडा जिला प्रशासन, 27 अक्टूबर 2025)

