Gustaakh Ishq Movie Review in Hindi: फिल्म खूबसूरत है, पर क्यों नहीं चमक पाई?

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Gustaakh Ishq movie review in hindi विजय वर्मा, फातिमा सना शेख और नसीरुद्दीन शाह की फिल्म का लंबा, ईमानदार रिव्यू।

Gustaakh Ishq फिल्म कैसी है

Gustaakh Ishq movie review in hindi की शुरुआत एक पुराने समय की सुगंध के साथ होती है ऐसा समय जब मोहब्बत भी धीरे-धीरे बोली जाती थी और शायरी सांसों की तरह महसूस होती थी। फिल्म का माहौल बहुत खूबसूरती से पुरानी दिल्ली और पंजाब के मलेरकोटला के रंगों में रंगा गया है लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है यह एहसास होता है कि फिल्म का सौंदर्य जितना चमकदार है उसकी भावनाएं उतनी ही बिखरी हुई हैं। कथा केंद्रित है नवाबुद्दीन पर जिसे विजय वर्मा ने निभाया है एक युवा जो अपने पिता की पुरानी उर्दू प्रिंटिंग प्रेस को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है।

उसकी गरीबी उसके परिवार का दबाव और विरासत को बचाने की उसकी जिद फिल्म में एक सच्ची जद्दोजहद के रूप में दिखाई देती है। इसी तलाश में वह पहुंचता है पंजाब जहां उसे मिलता है एक ऐसा शायर जिसकी हर पंक्ति में दर्द है लेकिन जिसकी जिंदगी अब गुमनामी की धूल में खो चुकी है अज़ीज़ बेग जिसे नसीरुद्दीन शाह ने अपने अभिनय की गहराई से अमर कर दिया है।

नवाब का मकसद साफ है अज़ीज़ की शायरी को छापकर अपनी डूबती प्रेस को बचाना। लेकिन अज़ीज़ के घर पहुंचने के बाद कहानी एक अलग हवा पकड़ लेती है। यहां वह मिलता है मिनी से अज़ीज़ की बेटी जिसके चेहरे पर दर्द का साया है और मुस्कान जैसे कहीं पुरानी किताबों में खो गई हो। नवाब उसके लिए कुछ महसूस करने लगता है और यहीं से कहानी में मोहब्बत का नया रंग उभरता है।

मगर यह रंग देर तक टिक नहीं पाता क्योंकि फिल्म प्रेम की गहराई को महसूस कराने की बजाय उसे शब्दों में भारी बना देती है। कई बार लगता है कि कहानी चल नहीं रही बल्कि बोली जा रही है। संवाद इतने महीन इतने साहित्यिक और इतने अलंकारिक हैं कि वे दिल में उतरने के बजाय दिमाग में अटक जाते हैं।

Gustaakh Ishq Movie Review in Hindi(photo credit:itsvijayvermai/instagram)

नसीरुद्दीन शाह फिल्म की जान हैं। उनका हर शेर हर ठहराव हर नज़र दर्शक को बांधकर रखता है। ऐसा लगता है कि उनके भीतर सचमुच एक शायर बसता है जो अपने अतीत की राख को आज भी छूने से डरता है। उनकी आवाज़ में दर्द भी है गुरूर भी और वो ठहराव भी जिस पर पूरी फिल्म टिक सकती थी। लेकिन निर्देशक इस गहराई को लंबे समय तक संभाल नहीं पाते। विजय वर्मा ने अच्छा अभिनय किया है लेकिन उनके किरदार को ऐसी मजबूती नहीं मिली कि वह शायर के सामने ठहर सके। फातिमा का किरदार भी भावनाओं के बोझ से दबा हुआ लगता है जैसे उसे उड़ने की जगह ही न मिली हो।

फिल्म की सबसे बड़ी समस्या उसकी गति है। पहली आधी फिल्म धीमी है पर खूबसूरत है जैसे पुराने रेडियो पर बजती कोई नर्म ग़ज़ल। मगर इंटरवल के बाद फिल्म अचानक अनावश्यक भावुकता में डूब जाती है। बारिश, बिजली, भारी बैकग्राउंड म्यूजिक हर दृश्य को ज़रूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने की कोशिश की गई है। ऐसा लगता है कि निर्देशक दर्शक को जबरन भावुक करना चाहते हैं जबकि असली भावनाएं तो वो होती हैं जो बिना शोर के दिल में उतरती हैं।

Gustaakh Ishq Movie Review in Hindi
Gustaakh Ishq Movie Review in Hindi(photo credit:itsvijayvermai/instagram)

फिल्म Gustaakh Ishq Movie Review in Hindi की खूबसूरती अपने सौंदर्य लोकेशन और संगीत में है। गुलज़ार के लिखे हुए बोल दिल में चुभते हैं खासकर वो लाइन Adhjagi si aankhon me soorma hai ishq यह वह नर्मी है जिसे फिल्म पकड़ नहीं पाई। शायरी को शब्दों की नहीं एहसास की जरूरत होती है और यही एहसास फिल्म कई जगहों पर खो देती है।

Gustaakh Ishq Movie Review in Hindi: देखने लायक है?

अगर आप शायरी, धीमी गहराई वाली फिल्में और नसीरुद्दीन शाह के अभिनय से मोहब्बत करते हैं, तो यह फिल्म आपको पसंद आएगी। लेकिन अगर आप तेज़ रफ्तार कहानी मजबूत प्लॉट और दमदार रोमांस चाहते हैं तो यह फिल्म अधूरी लगेगी जैसे कोई खूबसूरत शेर जो आखिर में रुक गया हो।

Gustaakh Ishq Movie Review in Hindi – FAQs

Q1. Gustaakh Ishq फिल्म की कहानी क्या है?
यह एक संघर्षरत प्रकाशक, एक गुमनाम शायर और उसकी टूटी हुई बेटी की भावनात्मक कहानी है, जिसमें विरासत, मोहब्बत और दर्द एक-दूसरे से टकराते हैं।

Q2. Gustaakh Ishq में सबसे बेहतरीन अभिनय किसने किया है?
नसीरुद्दीन शाह ने सबसे मजबूत और दिल छू लेने वाला प्रदर्शन दिया है।

Q3. क्या Gustaakh Ishq फिल्म देखने लायक है?
अगर आपको शायरी, धीमी फिल्में और भावनात्मक कहानियां पसंद हैं तो हाँ, यह फिल्म आपको पसंद आएगी।

Q4. क्या Gustaakh Ishq उर्दू शायरी पर आधारित फिल्म है?
हाँ, फिल्म उर्दू शायरी, दर्द और मोहब्बत की भावना पर ही बनी है।

Q5. Gustaakh Ishq की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?
कहानी का धीमा टेम्पो और ओवरड्रामैटिक सीन इसे कमजोर बनाते हैं।

Q6. फिल्म में Vijay Varma का रोल कैसा है?
विजय वर्मा ने अच्छा काम किया है लेकिन उनका किरदार उतनी गहराई नहीं पाता।

Q7. Fatima Sana Shaikh का किरदार कैसा लिखा गया है?
उनका किरदार भावनाओं से भरा हुआ है, लेकिन पर्याप्त विस्तार नहीं दिया गया।

Q8. क्या Gustaakh Ishq फैमिली फिल्म है?
हाँ, इसमें कोई आपत्तिजनक दृश्य नहीं है।

Q9. फिल्म की अवधि कितनी है?
फिल्म 128 मिनट यानी लगभग 2 घंटे 10 मिनट की है।

Q10. Gustaakh Ishq की IMDB Rating क्या है?
(जब उपलब्ध हो, आप इसे अपडेट कर सकते हैं)

Q11. क्या Gustaakh Ishq में गाने अच्छे हैं?
हाँ, गुलज़ार के लिखे गाने फिल्म की जान हैं।

Q12. क्या Gustaakh Ishq OTT पर आएगी?
हाँ, पर OTT प्लेटफॉर्म बाद में घोषित होगा।

Q13. क्या ये फिल्म रोमांटिक है?
यह रोमांस से ज्यादा एक भावनात्मक शायरी-आधारित ड्रामा है।

Q14. Gustaakh Ishq किस जॉनर की फिल्म है?
Romantic-Drama / Poetic Narrative।

Q15. क्या फिल्म में बहुत ज्यादा उर्दू शब्द हैं?
हाँ, फिल्म में भारी उर्दू शायरी है जिसे सभी दर्शक समझ न पाएं।

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