‘Haq Movie Review in Hindi’ पढ़ें – सुपर्ण वर्मा की फिल्म ‘हक़’ एक सच्चे केस शाह बानो पर आधारित कहानी है। यामी गौतम और इमरान हाशमी ने अपनी शानदार एक्टिंग से इसे जीवंत बना दिया है। जानें पूरी समीक्षा, कहानी, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी और दर्शकों की प्रतिक्रिया।
Haq Movie Review in Hindi – एक सच्ची कहानी पर आधारित ईमानदार कोशिश
फिल्म: Haq
निर्देशक: सुपर्ण एस वर्मा
मुख्य कलाकार: यामी गौतम धर, इमरान हाशमी, शीबा चड्ढा, दानिश हुसैन
राइटर: रेशू नाथ
रनटाइम: 134 मिनट
रिलीज़ डेट: 7 नवंबर 2025
जॉनर: कोर्टरूम ड्रामा / सोशल-रियलिस्ट सिनेमा
फिल्म की थीम – धर्म, कानून और महिला के ‘हक़’ की कहानी
‘Haq’ एक ऐसी कहानी है जो भारतीय समाज की एक सच्चाई को सामने लाती है — जहां धर्म और कानून के बीच एक महिला अपने हक़ के लिए संघर्ष करती है। यह फिल्म 1985 के शाह बानो केस पर आधारित है, जिसने भारत के संविधान, धर्म और न्याय व्यवस्था के बीच एक नई बहस छेड़ दी थी।
निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने इस जटिल विषय को बेहद संयम, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ पेश किया है।
Watch full movie Trailer and movie click now
Haq Movie Review in Hindi :कहानी का सार
कहानी शुरू होती है 1967 से — अहमद खान (इमरान हाशमी) एक नामी वकील हैं जो शाज़िया बानो (यामी गौतम) से शादी करते हैं।
कुछ सालों बाद, अहमद दूसरी शादी कर लेते हैं और शाज़िया से तीन बार “तलाक” कहकर रिश्ता तोड़ देते हैं।
वो न सिर्फ उसे घर से निकाल देता है, बल्कि गुज़ारा भत्ता देने से भी इनकार कर देता है।
शाज़िया अब अकेली नहीं झुकती। वो अदालत का दरवाज़ा खटखटाती है और अपने अधिकारों की कानूनी लड़ाई शुरू करती है।
लेकिन यह मुकदमा सिर्फ अदालत तक सीमित नहीं रहता — यह धर्म बनाम संविधान की बहस बन जाता है।
“जो सबसे पिछड़ा है, वो हैं महिलाएं… और उन्हें अपने हक़ के लिए लड़ना ही होगा।”
— शाज़िया बानो (फिल्म डायलॉग)
RRB JE Recruitment 2025: रेलवे में 2500+ पदों पर निकली भर्ती | जानिए योग्यता, वेतन और आवेदन प्रक्रिया
फिल्म की ताकत – कहानी और लेखन (Story & Writing)
Haq Movie Review in Hindi ,फिल्म का स्क्रीनप्ले रेशू नाथ ने लिखा है, जिन्होंने जिग्ना वोरा की किताब “Bano: Bharat Ki Beti” से प्रेरणा ली है।
लेखन सरल लेकिन गहराई भरा है। कोर्टरूम के हर संवाद में भावनाओं की तीव्रता है और हर तर्क सोचने पर मजबूर करता है।
अभिनय (Performances) – यामी गौतम ने चुराया दिल
यामी गौतम का अभिनय फिल्म की जान है। वो शाज़िया के किरदार में ग़ुस्सा, दर्द, आत्मविश्वास और मजबूती — सब कुछ बेहद नैचुरल ढंग से दिखाती हैं। यह उनके करियर की अब तक की सबसे परिपक्व परफॉर्मेंस मानी जा रही है। इमरान हाशमी ने अहमद खान के किरदार को बेहद संयमित अंदाज़ में निभाया है। वो न पूरी तरह खलनायक हैं, न ही नायक — बस एक जटिल इंसान, जो अपनी सोच में फंसा हुआ है। शीबा चड्ढा और दानिश हुसैन जैसे अनुभवी कलाकारों ने भी फिल्म को वजनदार बनाया है
डायरेक्शन (Direction) – सुपर्ण वर्मा का संतुलित दृष्टिकोण
निर्देशक सुपर्ण एस वर्मा का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने न तो फिल्म को राजनीतिक बनाया, न धार्मिक प्रोपेगेंडा। “Haq” एक डिग्निफाइड और ऑब्जेक्टिव फिल्म है जो हर पक्ष को सम्मान के साथ दिखाती है। कोर्टरूम ड्रामा के दौरान कैमरा-एंगल्स, क्लोज-अप्स और संवाद की टाइमिंग दर्शक को पूरी तरह जोड़े रखते हैं।
सिनेमैटोग्राफी और म्यूज़िक (Cinematography & Music)
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी प्रथन मेहता ने की है हर फ्रेम एक विंटेज ह्यू देता है, जैसे कोई पुराना लेकिन जीवंत चित्र। म्यूज़िक विषाल मिश्रा का है, जो कहानी के भावों को खूबसूरती से पिरोता है। कोर्टरूम दृश्यों के बीच म्यूज़िक का सीमित लेकिन प्रभावी इस्तेमाल हुआ है।
फिल्म की कमजोरियां (Drawbacks)
फिल्म का दूसरा हाफ थोड़ा स्लो महसूस होता है। कुछ जगहों पर निर्देशक ने भावनात्मक दृश्यों को ज्यादा खींच दिया है। हालांकि, संदेश इतना मजबूत है कि दर्शक अंत तक जुड़ा रहता है
सामाजिक और संवैधानिक पहलू (Social Impact)
“Haq” सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों पर एक सामाजिक दस्तावेज़ है। यह दिखाती है कि कैसे एक महिला अपने समाज, धर्म और पितृसत्ता के खिलाफ खड़ी होकर न्याय पा सकती है। “दुनिया का सबसे आसान काम है घर चलाना, मुश्किल है हक़ पर चलना।”
रेटिंग (Rating Table – Mobile Friendly)
| श्रेणी | अंक (5 में से) |
|---|---|
| कहानी | ⭐⭐⭐⭐☆ (4.5) |
| अभिनय | ⭐⭐⭐⭐⭐ (5.0) |
| निर्देशन | ⭐⭐⭐⭐☆ (4.0) |
| म्यूज़िक व टेक्निकल्स | ⭐⭐⭐⭐ (4.0) |
| मनोरंजन मूल्य | ⭐⭐⭐⭐ (4.0) |
| कुल रेटिंग | 4.3/5 (Highly Recommended) |
Haq Movie Review – एक पंक्ति में
“हक़” वो फिल्म है जो आवाज़ बनती है उन सभी महिलाओं की,
जिन्होंने समाज से टकराकर भी सच का साथ नहीं छोड़ा।
FAQs Haq film
Q1. ‘Haq’ फिल्म की कहानी किस पर आधारित है?
यह फिल्म 1985 के शाह बानो केस पर आधारित है, जिसने भारत में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की दिशा बदल दी।
Q2. Haq movie के निर्देशक कौन हैं?
फिल्म का निर्देशन सुपर्ण एस वर्मा ने किया है।
Q3. यामी गौतम का रोल क्या है?
वो शाज़िया बानो का किरदार निभा रही हैं, जो तलाक के बाद अपने हक़ की लड़ाई लड़ती है।
Q4. फिल्म में इमरान हाशमी कौन हैं?
इमरान अहमद खान नामक वकील का रोल कर रहे हैं जो अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है।
Q5. Haq movie कितनी लंबी है?
फिल्म का रनटाइम लगभग 134 मिनट है।
Q6. क्या फिल्म शाह बानो केस से मिलती है?
हाँ, फिल्म उसी केस से प्रेरित है और उसके मुख्य तत्वों को संवेदनशीलता से दिखाती है।
Q7. Haq में सबसे यादगार सीन कौन-सा है?
वो सीन जब शाज़िया अदालत में कहती है — “मैं मज़हब नहीं, इंसाफ़ चाहती हूँ।”
Q8. क्या Haq महिला सशक्तिकरण पर बनी है?
जी हाँ, पूरी फिल्म महिला अधिकारों और समानता के संदेश पर केंद्रित है।
Q9. क्या फिल्म राजनीतिक है?
नहीं, फिल्म को गैर-राजनीतिक और संतुलित दृष्टिकोण से बनाया गया है।
Q10. क्या फिल्म बच्चों के लिए उपयुक्त है?
फिल्म को U/A प्रमाणपत्र मिला है, इसलिए परिवार के साथ देखी जा सकती है।
Q11. Haq फिल्म का म्यूज़िक किसने दिया है?
विषाल मिश्रा ने फिल्म का संगीत कंपोज़ किया है।
Q12. फिल्म की शूटिंग कहाँ हुई है?
फिल्म की शूटिंग मुंबई और भोपाल के कुछ हिस्सों में की गई है।
Q13. क्या Haq फिल्म भावनात्मक है?
हाँ, यह फिल्म भावनात्मक रूप से बेहद प्रभावशाली है।
Q14. Haq movie review IMDb पर क्या है?
IMDb पर फिल्म को औसतन 7.8/10 की रेटिंग मिली है।
Q15. क्या यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है?
जी हाँ, शाह बानो केस एक वास्तविक घटना थी।
Q16. फिल्म का सबसे मजबूत पहलू क्या है?
इसका लेखन और यामी गौतम का अभिनय।
Q17. फिल्म का कमजोर पक्ष क्या है?
दूसरे हाफ में गति थोड़ी धीमी है।
Q18. क्या Haq OTT पर आएगी?
हाँ, उम्मीद है कि यह फिल्म जल्दी किसी प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म पर आएगी।
Q19. Haq किस जॉनर की फिल्म है?
यह एक कोर्टरूम सोशल ड्रामा फिल्म है।
Q20. क्या यह फिल्म देखनी चाहिए?
बिलकुल! यह फिल्म हर उस व्यक्ति के लिए मस्ट वॉच है जो सामाजिक समानता और न्याय में विश्वास रखता है।