Jailer movie Review in hindi – रजनीकांत की जबरदस्त एक्शन फिल्म, जानिए कैसी है कहानी!

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Jailer movie Review in hindi पढ़ें – रजनीकांत की नई एक्शन-थ्रिलर ‘जेलर’ कैसी है? जानिए कहानी, विलेन वर्मा का रोल, क्लाइमेक्स और पूरी समीक्षा यहाँ।

Jailer मूवी रिव्यू

जब रजनीकांत ने साबित किया कि उम्र नहीं, स्टाइल मायने रखती है!आज हम जानेंगे रजनीकांत की जबरदस्त एक्शन वाली फिल्म, कैसा है मूवी रिव्यू ,पूरा करैक्टर कैसी है डायरेक्शन, म्यूजिक्स और कैमरा किसके द्वारा निर्देशित है फिल्म , कौन सी फिल्म की है ताकत ,क्या हमें जेलर मूवी देखनी चाहिए ? मूवी का रिव्यू पूरा पढ़ने के लिए आर्टिकल में बने रहे।

Baahubali – The Epic Release Trailer (Telugu) | Prabhas, Rana | SS Rajamouli | 31st October 2025 offcial Trailer Watch now

कहानी की शुरुआत – जब सादगी के पीछे छिपा है शेर

हिमाचल नहीं, इस बार मंच है तमिलनाडु का एक साधारण-सा शहर।
यहाँ मुथुवेल पांडियन (रजनीकांत) नाम का बुज़ुर्ग व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट की ज़िंदगी शांति से जी रहा है।
सुबह की चाय, पोते के साथ यूट्यूब वीडियो शूट और सब्ज़ी बाजार से रोज़मर्रा का सामान —
ऐसा लगता है जैसे अब उसके जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई गैस सिलेंडर की बुकिंग भर है।

लेकिन कहानी में ट्विस्ट वहीं आता है, जहाँ सन्नाटा ज़्यादा होता है।
उसकी शांति तब बिखर जाती है जब उसके पुलिस अफसर बेटे का सामना मूर्ति चोरों के गिरोह से होता है —
और फिर अचानक, वह गायब हो जाता है।
इस हादसे से पूरा परिवार हिल जाता है,
और मुथुवेल के भीतर फिर जागता है वो “टाइगर” जिसे शायद वक्त ने सोने पर मजबूर कर दिया था।

Full movie watch full HD click now

दर्द से बदला बनने तक – रजनीकांत का टाइगर अवतार

रजनीकांत यहाँ सिर्फ पिता नहीं हैं — वो न्याय की एक चुप क्रांति हैं।
एक ऐसा किरदार जो पहले अपने बेटे की मौत पर चुप है,
लेकिन जैसे-जैसे सच्चाई सामने आती है, उसकी आंखों में आग जलने लगती है।

वह अपने पुराने कॉन्टैक्ट्स, पुराने दुश्मनों और पुराने हथियारों के साथ दोबारा मैदान में उतरता है।
धीरे-धीरे हमें पता चलता है कि यह बुज़ुर्ग कभी साधारण जेलर नहीं था —
वह था टाइगर मुथुवेल, जिसका नाम सुनकर अपराधियों की नींद उड़ जाती थी।

उसके पास एक गुप्त नेटवर्क है — वफादार साथियों की फौज,
जो सिर्फ उसके एक इशारे पर मौत से भी भिड़ जाती है।
यही हिस्सा फिल्म को एक रहस्यमय और थ्रिल से भर देता है —
क्योंकि दर्शक भी सोचता है: “आख़िर ये सारे लोग आए कहाँ से?”
और शायद यही रहस्य “Jailer” को साधारण से खास बना देता है।

विलेन वर्मा – राक्षस से भी खतरनाक इंसान

अब बात करें उस शख्स की जिसने इस फिल्म को नई जान दी —
वर्मा (Vinayakan)
वह सिर्फ बुरा नहीं है, बल्कि बुराई का चेहरा है।
वो खून के बदले खून में यकीन रखता है।
ना उसे कानून की परवाह है, ना किसी इंसान की।
उसके अंदर एक अजीब सनक है —
जो किसी को गलत समझे, तो बिना सबूत, बिना सवाल उसे मिटा देता है।विनायकन ने वर्मा के किरदार को इतने तीखेपन से निभाया है
कि आप उसकी हर मुस्कान से डरने लगते हैं।
उसकी लाल आंखें, अजीब हंसी और अस्थिर चाल
सिर्फ डर नहीं पैदा करतीं, बल्कि आपको खींचती हैं,
जैसे आप खुद उसकी दुनिया में फँस गए हों।

Kishkindhapuri Movie Review  offcial Trailer watch now

Jailer movie Review in hindi
Jailer movie Review in hindi

हीरो बनाम विलेन – स्टाइल और खून का संगम

जब मुथुवेल और वर्मा आमने-सामने आते हैं,
तो स्क्रीन पर सिर्फ एक्शन नहीं, बिजली चमकती है।
यहाँ रजनीकांत वही पुराने अंदाज़ में दिखते हैं —
धीमे कदम, गहरी नज़रें, और चेहरे पर वो ठंडा आत्मविश्वास जो कहता है –

“मैं यहाँ बात करने नहीं, हिसाब बराबर करने आया हूँ।”

क्लाइमेक्स में उनकी भिड़ंत किसी मिथक जैसी लगती है —
जहाँ न्याय और अन्याय की लड़ाई सिर्फ हथियारों से नहीं,
बल्कि इज़्ज़त और बदले के वादे से लड़ी जाती है।

फिल्म के कैरेक्टर – दमदार लेकिन सीमित

  1. रजनीकांत (मुथुवेल पांडियन) – हर सीन में चार्म, स्टाइल और क्लास झलकती है।
  2. विनायकन (वर्मा) – इस साल का सबसे यादगार विलेन परफॉर्मेंस।
  3. राम्या कृष्णन (पत्नी) – शानदार कलाकार, लेकिन स्क्रिप्ट ने उनका इस्तेमाल पूरा नहीं किया।
  4. मोहनलाल, शिवराजकुमार, जैकी श्रॉफ – छोटे लेकिन असरदार कैमियो, जो फिल्म में स्टार पॉवर का विस्फोट करते हैं।

offcial Trailer Watch now

डायरेक्शन, म्यूजिक और कैमरा – जब विजुअल्स बोले कहानी

निर्देशक नेल्सन दिलीप कुमार की कहानी कहने की अपनी एक अलग भाषा है।
वो फिल्म को हल्के-फुल्के हास्य से शुरू करते हैं,
और फिर धीरे-धीरे अंधेरे और प्रतिशोध की तरफ ले जाते हैं।
पहला आधा हिस्सा हल्का और मजेदार है,
दूसरा आधा हिस्सा इमोशनल और एक्शन से भरा

अनिरुद्ध रविचंदर का म्यूजिक फिल्म की आत्मा है।
हुकुम – थलाइवर अलाप्पारा” का बीट उठते ही
थिएटर में सीटियाँ गूंजने लगती हैं।

कमज़ोरियां जो खटकती हैं

कहानी कुछ जगहों पर खिंचती है (40 मिनट तक फिल्म अपनी गति नहीं पकड़ती)।

पिता-पुत्र के भावनात्मक पहलू को गहराई नहीं मिली।

राम्या कृष्णन जैसी अदाकारा को सीमित कर देना बड़ी भूल थी।

क्लाइमेक्स थोड़ा जल्दबाज़ी में समेटा गया लगता है।

फिल्म की ताकत – एक रजनीकांत, बाकी सब बोनस

“Jailer” पूरी तरह रजनीकांत का शो है। उनकी एंट्री, उनका अंदाज़, और उनकी आभा यह सब इतना बड़ा है कि फिल्म की कमजोरियां खुद छिप जाती हैं।वह स्क्रीन पर आते हैं और आप भूल जाते हैं कि आप थिएटर में बैठे हैं।भले ही कहानी में गहराई कम हो,लेकिन रजनीकांत की मौजूदगी ही फिल्म को “थलाइवर एक्सपीरियंस” बना देती है।

क्यों देखें ‘Jailer’?

  1. रजनीकांत की स्क्रीन प्रेज़ेंस एक लीजेंडरी अनुभव है।
  2. विनायकन का विलेन रोल हाल के सालों में सबसे स्ट्रॉन्ग है।
  3. मोहनलाल, शिवराजकुमार और जैकी श्रॉफ के कैमियो goosebumps देते हैं।
  4. म्यूजिक और बीजीएम से फिल्म एक बड़ा सिनेमैटिक पल बन जाती है।

क्या छोड़ सकते हैं?

लॉजिक खोजने की गलती न करें — यह फिल्म स्टाइल, एक्शन और थलाइवर के लिए है।

कहानी परफेक्ट नहीं, लेकिन “एंटरटेनमेंट फैक्टर” 100% है।

फाइनल वर्ड (रेटिंग & निष्कर्ष)

3.8 / 5 Stars
“Jailer” एक ऐसी फिल्म है जहाँ रजनीकांत सिर्फ अभिनय नहीं करते — वो हर फ्रेम में ‘जीते’ हैं।
उनकी हर मुस्कान, हर पंच डायलॉग और हर स्लो-मोमेंट फैंस के लिए त्यौहार जैसा है।

यह फिल्म लॉजिक नहीं, थलाइवर के जादू पर चलती है —
और अगर आप रजनी फैन हैं, तो “Jailer” आपके लिए एक सीटी बजाने लायक ब्लॉकबस्टर है।

Leave a Comment