Tere Ishk Mein Box Office Day 3 ,Dhanush और Kriti Sanon की Tere Ishk Mein ने पहले तीन दिनों में ₹51.75 करोड़ कमाए। रविवार को ऑक्यूपेंसी में जबरदस्त उछाल, Aanand L Rai की यह फिल्म वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस पर टॉप पर रही। यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Tere Ishk Mein box office collection
Dhanush और Kriti Sanon की फिल्म ‘Tere Ishq Mein’ ने रिलीज़ के बाद अपने पहले ही वीकेंड में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए इंडस्ट्री का ध्यान खींचा है। तीन दिनों के भीतर फिल्म ने करीब ₹51.75 करोड़ का कलेक्शन दर्ज कराते हुए साफ कर दिया कि दर्शक इस रोमांटिक ड्रामा को दिल से स्वीकार कर रहे हैं। शुक्रवार को मजबूत शुरुआत के बाद शनिवार को कमाई में हल्की बढ़त देखी गई, जबकि रविवार को फिल्म ने 10% से अधिक उछाल के साथ अपने वीकेंड को शानदार तरीके से खत्म किया। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, Tere Ishq Mein ने नई रिलीज़ ‘Gustaakh Ishq’ समेत चल रही अन्य फिल्मों को काफी पीछे छोड़ दिया और वीकेंड पर टॉप पोजिशन बनाए रखी।
Tere Ishk Mein Movie Review in hindi : Dhanush और Kriti Sanon की दर्दनाक Love Story | Full Hindi Review
रविवार को फिल्म की थिएटर ऑक्यूपेंसी भी खास रही। हिंदी संस्करण में सुबह के शो धीमे रहे, लेकिन दोपहर और शाम के शो में दर्शकों की भीड़ लगातार बढ़ती गई, जिससे शाम की ऑक्यूपेंसी 45% से अधिक दर्ज की गई। तमिल संस्करण में भी शाम का समय सबसे बेहतर रहा, जहां करीब 24% तक की सीटें भरी रहीं। यह दर्शाता है कि फिल्म की पकड़ मल्टीप्लेक्स और मेट्रो सर्किट दोनों जगह मजबूत होती जा रही है।
कहानी की बात करें तो फिल्म Mukti और Shankar के इमोशनल सफर को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाती है। Kriti Sanon और Dhanush के प्रदर्शन ने कहानी के भावनात्मक वजन को और गहरा किया है। खासतौर पर Dhanush का तीखा और ऊर्जावान अभिनय दर्शकों के दिल तक पहुंचता है। वहीं Priyanshu Painyuli और Prakash Raj जैसे कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं के जरिए फिल्म को मजबूती दी है।
पहले वीकेंड के नतीजों को देखते हुए कहा जा सकता है कि ‘Tere Ishq Mein’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बना ली है। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि वीकडे पर फिल्म कितना टिक पाती है और क्या यह अपनी शुरुआती रफ्तार आगे भी बरकरार रख सकेगी।
Tere Ishk Mein कहानी क्या है? ,फिल्म की असल Story Explained
फिल्म की शुरुआत शांत, खूबसूरत लेकिन बेचैन करने वाले लद्दाख के माहौल से होती है। यहां एयरफोर्स ऑफिसर शंकर (धनुष) अपने दुश्मनों से लड़ते हुए दिखाई देता है। वह बेहद टैलेंटेड है, लेकिन उसके भीतर एक ऐसा क्रोध है जिसे वह खुद भी समझ नहीं पाता। उसके व्यवहार को देखते हुए उसे ग्राउंडेड कर दिया जाता है, और वहीं उसकी एंट्री होती है डॉ. दिव्या (कृति सैनन) की।
पहली नज़र से ही दर्शक समझ जाते हैं कि यह कोई साधारण मुलाकात नहीं है। दिव्या गर्भवती है, मानसिक तनाव में है, दवाइयाँ खा रही है, थकी हुई दिखती है लेकिन फिर भी वही शंकर की काउंसलर बनती है। और यहीं से शुरू होता है फिल्म का असली सफर ,एक लंबे फ्लैशबैक की ओर।
Technical Review – Cinematography, Editing, Screenplay
Cinematography
Gritty, dark-toned visuals
Narrow lanes, small houses और real-life locations कहानी को authentic बनाते हैं।
Editing
अच्छा है लेकिन last 20–25 minutes खींचता है
कुछ scenes unnecessary लगते हैं
Screenplay
Philosophical + raw emotions
कई बार over-explaining से pace टूटता है
लेकिन dialogues दिल में उतरते हैं