The Devil movie Review in hindi की पूरी कहानी को सीन-दर-सीन, आसान भाषा में समझें। Darshan की political thriller की कहानी, एक्टिंग, टेक्निकल पक्ष और FAQs यहाँ पढ़ें।
The Devil Movie Review in Hindi
कन्नड़ सुपरस्टार Darshan की फिल्म The Devil 11 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुई और इसके साथ ही सोशल मीडिया और फैंस के बीच उत्साह का माहौल बन गया। फिल्म के रिलीज़ से पहले ही Darshan से जुड़े विवादों के कारण लोगों में इसके प्रति जिज्ञासा और भी बढ़ गई थी। शुरुआती शो हाउसफुल थे, और लोगों में एक ही सवाल था क्या The Devil वास्तव में वह दमदार फिल्म है जिसका वादा ट्रेलर ने किया था? नीचे हम आपको इसकी कहानी सीन-बाई-सीन और बेहद आसान भाषा में समझाते हैं, ताकि आप पूरी फिल्म को एक ही बार में समझ सकें।
कहानी
फिल्म की शुरुआत कर्नाटक के मुख्यमंत्री Rajashekar (Mahesh Manjrekar) से होती है जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल भेज दिया जाता है। लेकिन जैसे ही वे जेल पहुँचते हैं, उन्हें यह चौंकाने वाला सच पता चलता है कि उन्हें फँसाया उनके अपने भतीजों ने जिन्हें सत्ता की लालसा है और जो किसी भी तरह मुख्यमंत्री की कुर्सी हथियाना चाहते हैं। Rajashekar इस विश्वासघात से टूट जाते हैं, लेकिन हार नहीं मानते। वे तुरंत अपने वफादार सचिव IAS अधिकारी अनंत नांबियार को बुलाकर आदेश देते हैं कि वह उनके बेटे Dhanush को वापस बुलाए और उसे उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाए। यही से कहानी राजनीतिक मोड़ लेती है।
इसके बाद कहानी विदेश में रहने वाले Dhanush (Darshan) की ओर मुड़ती है। Dhanush एक अत्यंत हिंसक घमंडी और असंवेदनशील व्यक्ति के रूप में सामने आता है। फिल्म के शुरुआती सीन में ही दर्शकों को पता चल जाता है कि वह अपने आसपास के लोगों की ज़रा भी कद्र नहीं करता बल्कि मामूली बातों पर भी किसी पर गोली चला देना उसकी आदत है। अनंत जब उससे मिलने पहुँचता है और मुख्यमंत्री का संदेश देता है, तो Dhanush उसे बुरी तरह डरा-धमकाकर भगा देता है। यही सीन दर्शकों को यह समझाने के लिए काफी है कि Dhanush इस बड़े राजनीतिक पद के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं है।
अनंत नांबियार निराश होकर भारत लौट रहा होता है, तभी किस्मत उसे एक नए मोड़ पर ले आती है। रास्ते में एक छोटे से ढाबे पर उसे Krishna नाम का एक युवक मिलता है, जो बिल्कुल Dhanush जैसा दिखता है। यहाँ कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आता है। Krishna एक बेहद सरल, दयालु, मेहनती और लोगों से प्यार करने वाला इंसान है। वह कई लोगों की मदद करता है और सपने देखता है कि एक दिन लोग उसे पहचानेंगे और वह किसी बड़ी जिम्मेदारी के लायक बनेगा।
अनंत को तुरंत एक विचार आता है क्यों न Krishna को Dhanush बनाकर राजनीति में उतार दिया जाए? Krishna पहले हिचकिचाता है, लेकिन जनता की सेवा करने की इच्छा उसे यह चुनौती स्वीकार करने के लिए तैयार कर देती है।
इसके बाद फिल्म का दूसरा फेज़ शुरू होता है जहाँ Krishna को पूरी तरह बदलकर Dhanush की तरह पेश किया जाता है। पार्टी नेताओं और जनता के सामने वह एक सुधरा हुआ, विनम्र और जनता से जुड़ने वाला नेता बनकर सामने आता है। लोग हैरान भी होते हैं और खुश भी कि ‘Dhanush’ अचानक इतना बदल कैसे गया। Krishna की भाषण शैली, लोगों से जुड़ाव और ईमानदार व्यवहार धीरे-धीरे जनता का दिल जीतने लगता है और उसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ती जाती है। इसी बीच Rukmini (Rachana Rai) की एंट्री होती है, जिसे Krishna के अच्छे स्वभाव से आकर्षण होने लगता है।
लेकिन असली तूफ़ान तब आता है जब अचानक असली Dhanush कर्नाटक लौट आता है। उसे यह पता चलता है कि उसकी जगह कोई और उसकी पहचान का इस्तेमाल कर रहा है। वह गुस्से से भर जाता है और इसकी तह तक जाने की ठान लेता है। यहीं से फिल्म में मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक दोनों तरह का संघर्ष शुरू होता है। एक तरफ Krishna है, जो लोगों का प्यार और विश्वास जीतकर सही मायनों में नेतृत्व करने लायक लगता है। दूसरी ओर Dhanush है जो ताकत और डर की राजनीति चलाने में विश्वास रखता है। दोनों ही Rukmini में दिलचस्पी रखते हैं, जिससे कहानी में भावनात्मक टकराव भी जुड़ जाता है।
Dhanush और Krishna की पहली भिड़ंत फिल्म के सबसे महत्वपूर्ण दृश्यों में से एक है। इस मुलाकात में उनकी सोच, व्यक्तित्व और जीवन के प्रति दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से टकराते हैं। Dhanush Krishna से कहता है कि वह उसकी जिंदगी छीन सकता है, लेकिन उसकी पहचान नहीं। जबकि Krishna जवाब देता है कि उसे पहचान नहीं बल्कि जनता का विश्वास चाहिए। यह सीन दोनों की विचारधारा का अंतर बहुत खूबसूरती से पेश करता है।
इसके बाद फिल्म राजनीति, धोखे, प्यार और सत्ता संघर्ष से भर जाती है। Krishna जनता के बीच जितना लोकप्रिय होता जाता है, Dhanush उतना ही खतरनाक हो जाता है। वह कई चालें चलता है कभी Krishna को बदनाम करने की कोशिश करता है, कभी Rukmini को खतरे में डालता है, तो कभी पार्टी के नेताओं को भड़काता है। कई एक्शन सीक्वेंस आते हैं लेकिन समस्या यह है कि उनमें से ज्यादातर पुराने ढंग के और अविश्वसनीय लगते हैं।
क्लाइमैक्स में दोनों के बीच अंतिम टकराव होता है, जिसमें राजनीतिक षड्यंत्र, भावनात्मक टूटन और शक्ति संघर्ष एक साथ दिखाई देते हैं। Krishna अपनी ईमानदारी और जनता के प्यार की बदौलत लोगों का समर्थन जीत लेता है। दूसरी ओर Dhanush अपनी हिंसा, क्रूरता और लालच के कारण अपना सब कुछ खो देता है। अंत में सच और अच्छाई की जीत होती है, लेकिन फिल्म का execution इतना धीमा और थकाऊ है कि दर्शक उस भावनात्मक प्रभाव को पूरी तरह महसूस नहीं कर पाते जो निर्देशक दिखाना चाहते थे।
संक्षेप में The Devil एक ऐसी फिल्म है जिसका विचार अच्छा था और जिसमें एक मज़बूत राजनीतिक कहानी बनने की क्षमता थी, लेकिन कमजोर screenplay, पुराने स्टाइल का निर्देशन खराब संगीत और लंबाई ने इसे नुकसान पहुँचाया। Darshan का Krishna वाला रोल वास्तव में दिल छूता है लेकिन उनका Dhanush वाला किरदार ज़रूरत से ज्यादा ओवर-द-टॉप लगता है। फिल्म में कुछ भावुक और प्रभावशाली पल जरूर हैं लेकिन समग्र रूप से यह दर्शकों को उतना प्रभावित नहीं कर पाती जितनी उम्मीद थी।
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The Devil Movie Review in Hindi – तकनीकी पक्ष
निर्देशन
Director Prakash Veer कई अच्छी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन The Devil में उनका नियंत्रण कमजोर दिखता है।
- कहानी बिखरी हुई
- सीन्स poorly executed
- इमोशन connect नहीं कर पाते
संगीत
फिल्म की सबसे बड़ी कमज़ोरी।
- गाने ज़बरदस्ती डाले गए
- बैकग्राउंड स्कोर इतना तेज़ कि सिर दर्द हो
- इंटरवल का सन्नाटा भी राहत देता है
स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स
Complex नहीं बल्कि messy और outdated लगते हैं।
एडिटिंग और विजुअल्स
- एडिटिंग बेहद कमजोर
- कई सीन्स बनावटी दिखते हैं
- CGI बच्चों के खिलौनों जैसा
- एक्शन सीन्स cringe-worthy
The Devil Movie Review in Hindi – कलाकारों का प्रदर्शन
Darshan का डबल रोल – Mixed Reaction
Darshan पूरी फिल्म की रीढ़ हैं।
इसमें कोई शक नहीं कि वे एक बड़े सुपरस्टार हैं।
लेकिन यहाँ उनका प्रदर्शन दो हिस्सों में बंट जाता है
Krishna के रूप में
- सादा
- भावुक
- जनता का हीरो
उनका यह अवतार लोगों को पुराने Challenging Star दिनों की याद दिलाता है।
Dhanush के रूप में
- ओवर-एक्टेड
- एक-टोन वाला विलेन
- 80s स्टाइल का क्रूर किरदार
यह रोल आज के समय में फिट नहीं बैठता दर्शक इसे बर्दाश्त नहीं कर पाते।

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Rachana Rai (Rukmini)
उनकी स्क्रीन उपस्थिति अच्छी है। लेकिन उनका किरदार एकदम पुराना, डिस्टेसिंग टाइप लिखा गया है बस नायिका को बचाना, रोना भागना कहानी में असल योगदान न के बराबर है।
Achyuth Kumar
फिल्म में एकमात्र ऐसा किरदार जिसने कहानी को थोड़ा संभाला। लेकिन क्लाइमैक्स के पहले ही उन्हें अचानक साइड कर दिया जाता है।
The Devil Movie Review in Hindi
| फिल्म का नाम | The Devil |
| मुख्य कीवर्ड | The Devil movie in hindi |
| रिलीज़ | 11 दिसंबर 2025 |
| भाषा | कन्नड़ (हिंदी विषय लेख) |
| मुख्य अभिनेता | Darshan (डबल रोल) |
| शैली | Political Drama / Action |
| नायिका | Rachana Rai |
| निर्देशक | Prakash Veer |
| कहानी का प्रकार | Power, Identity, Politics |
10 FAQs – The Devil Movie Review in Hindi
The Devil movie Review in hindi कब रिलीज़ हुई?
11 दिसंबर 2025 को।
क्या The Devil की हिंदी dubbed version उपलब्ध है?
अभी केवल मूल कन्नड़ संस्करण ही उपलब्ध है; हिंदी डब जल्द आ सकती है।
क्या The Devil एक political drama है?
हाँ, लेकिन execution कमजोर है।
Darshan ने इसमें कितने रोल निभाए हैं?
डबल रोल – Dhanush और Krishna।
The Devil की कहानी किस बारे में है?
राजनीति, सत्ता संघर्ष, और दो हमशक्ल चरित्रों के बीच conflict।
क्या फिल्म परिवार के साथ देखने लायक है?
फिल्म में हिंसा अधिक है—family-friendly नहीं।
फिल्म कितनी लंबी है?
करीब 3 घंटे, जो काफी लंबी महसूस होती है।
संगीत कैसा है?
गीत और background score, दोनों निराशाजनक।
क्या Darshan का अभिनय अच्छा है?
Krishna के रूप में हाँ, लेकिन Dhanush के रूप में कमजोर।
क्या The Devil worth watching है?
सामान्य दर्शक के लिए नहीं; केवल hardcore fans को पसंद आ सकती है।

