जानिए Kishkindhapuri Movie Review किष्किंधापुरी की डरावनी कहानी – एक ऐसा रेडियो जो मौत की भविष्यवाणी करता है, 11 जिंदगियाँ जो भय में फंसी हैं, और राघव-मैथिली की खौफनाक सच्चाई। 17 अक्टूबर 2025 से Zee5 पर स्ट्रीमिंग शुरू।
किष्किंधापुरी की रहस्यमयी कहानी – जहां रेडियो बोलता है मौत की भाषा
Kishkindhapuri Movie Review,तेलुगू सिनेमा हमेशा से एक्सपेरिमेंट्स के लिए जाना जाता है, लेकिन किष्किंधापुरी (Kishkindhapuri) जैसी फिल्मों का आना इस बात का सबूत है कि हॉरर जॉनर अब सिर्फ डराने तक सीमित नहीं रहा। यह कहानी है राघव (बेल्लमकोंडा साईं श्रीनिवास) और मैथिली (अनुपमा परमेश्वरन) की, जो एक घोस्ट वॉकिंग टूर कंपनी चलाते हैं। उनका काम है लोगों को भूतिया जगहों पर ले जाना और उन्हें पैरानॉर्मल एक्सपीरियंस कराना।
कहानी तब असली मोड़ लेती है जब यह कपल अपनी टीम के साथ एक वीरान रेडियो स्टेशन “सुवर्णमय” पर पहुंचता है। देखने में तो यह बस एक पुरानी जगह लगती है, लेकिन यहां की दीवारें, हवा, और वो रेडियो — सब किसी अनकही कहानी को बयान कर रहे होते हैं। और फिर शुरू होता है ऐसा डर, जो आपकी रगों में ठंडक भर देगा।
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रेडियो जो भविष्य बताता है – मौत से पहले की फुसफुसाहट
फिल्म Kishkindhapuri Movie Review का सबसे यूनिक और रोमांचक हिस्सा है वो पुराना रेडियो, जो किसी के मरने से पहले उसकी मौत की भविष्यवाणी कर देता है। यह कॉन्सेप्ट न सिर्फ नया है, बल्कि दर्शकों को शुरुआत से अंत तक जकड़े रखता है। जब पहली बार रेडियो अपने आप चलना शुरू करता है और उसमें से किसी अनजान आवाज़ की चेतावनी सुनाई देती है, तब फिल्म अपने हॉरर पीक पर पहुंच जाती है।
11 लोगों की कहानी – एक रात जिसने सब कुछ बदल दिया
राघव और मैथिली की टीम में 11 लोग हैं। वे सभी उस रात रेडियो स्टेशन में रुकते हैं, लेकिन रात बीतते ही सबकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है।
एक बच्चा, जो गांव का रहने वाला है, उन्हें चेतावनी देता है –
“तुम सब भले ही आज सही सलामत जा रहे हो… पर याद रखना, तुम 11 के 11 मारे जाओगे।”
यह डायलॉग फिल्म का टर्निंग पॉइंट है और इसके बाद जो घटनाएं होती हैं, वे दर्शकों को झकझोर देती हैं। एक के बाद एक मौतें, रेडियो की आवाज़ें, और रहस्यमयी साए — सब मिलकर फिल्म को एक शानदार हॉरर थ्रिलर बनाते हैं।
डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले – कौशिक पेगल्लापति का शार्प नैरेटिव
फिल्म के निर्देशक कौशिक पेगल्लापति ने शुरुआत में हल्के-फुल्के रोमांटिक और कॉमिक सीन से माहौल बनाकर बहुत ही चालाकी से कहानी को हॉरर ट्रैक पर मोड़ा है।
स्क्रीनप्ले इतना टाइट है कि कहीं भी कहानी ढीली नहीं पड़ती। हर सीन का एक उद्देश्य है – या तो डर पैदा करना, या कहानी को आगे बढ़ाना। फिल्म का क्लाइमेक्स तो सच में “माइंड-ब्लोइंग” है। आखिरी 20 मिनट में आप पलक झपकाना भी भूल जाएंगे।
अनुपमा परमेश्वरन और साईं श्रीनिवास की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री

जहां तक एक्टिंग की बात है, अनुपमा परमेश्वरन ने मैथिली के किरदार में जान डाल दी है। उन्होंने डर, इमोशन और हिम्मत का खूबसूरत मिश्रण दिखाया है।
वहीं, बेल्लमकोंडा साईं श्रीनिवास का राघव के रूप में प्रदर्शन काफी मजबूत है। उनका करिश्मा और संवाद डिलीवरी फिल्म को एक ऊंचाई पर ले जाता है।
सपोर्टिंग कास्ट में तनीकेल्ला भरानी, मकरंद देशपांडे, और हाइपर आदी ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया है।

टेक्निकल एस्पेक्ट्स – कैमरा, एडिटिंग और म्यूजिक
फिल्म का सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर इसकी जान है।
प्रोडक्शन डिजाइनर मनीषा दत्त और कला निर्देशक शिव कामेश ने फिल्म का मूड ऐसा सेट किया है कि हर फ्रेम डर और रहस्य से भरा दिखता है।
बैकग्राउंड स्कोर के बिना कोई हॉरर फिल्म अधूरी होती है, लेकिन किष्किंधापुरी में इसका इस्तेमाल कमाल का है। अचानक से आती आवाजें, रेडियो की गूंज और साइलेंस के बीच उठता म्यूजिक — ये सब मिलकर दर्शक के मन में सिहरन पैदा करते हैं।
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फिल्म की गति (Pacing) और एडिटिंग
फिल्म की पेसिंग स्मूद है। न तो बहुत धीमी लगती है, न बहुत तेज़।
एडिटिंग इतनी सटीक है कि किसी सीन में अनावश्यक खिंचाव नहीं आता।
कहानी अपने रास्ते पर लगातार चलती रहती है, और क्लाइमेक्स में जाकर एक दमदार मोड़ पर खत्म होती है — जो आपके मन में देर तक बना रहता है।
IMDb रेटिंग और दर्शकों की प्रतिक्रिया
फिल्म ने IMDb पर 8.8/10 की शानदार रेटिंग हासिल की है — जो अपने आप में बताता है कि दर्शकों ने इस फिल्म को कितना पसंद किया है।
भले ही किष्किंधापुरी सिनेमाघरों में क्लैश की वजह से अंडररेटेड रह गई, लेकिन दर्शकों का कहना है कि यह फिल्म “स्लीपर हिट” बनने लायक है।
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ओटीटी रिलीज डेट – अब डर घर बैठे देखिए
अगर आपने थिएटर में यह फिल्म मिस कर दी है, तो चिंता मत कीजिए।
किष्किंधापुरी अब Zee5 पर 17 अक्टूबर 2025 शाम 6 बजे से स्ट्रीम होगी।
तो तैयार हो जाइए एक ऐसी हॉरर नाइट के लिए जो आपको चैन से सोने नहीं देगी।
क्यों देखें “किष्किंधापुरी”?
- अगर आप हॉरर और थ्रिलर जॉनर के शौकीन हैं
- अगर आपको कॉन्सेप्ट बेस्ड मूवीज़ पसंद हैं
- अगर आप चाहते हैं कि कोई फिल्म सिर्फ डराए ही नहीं, बल्कि दिमाग भी झकझोर दे
तो किष्किंधापुरी आपके लिए बनी है।
यह फिल्म आपको भूत, रहस्य, और इमोशन तीनों एक साथ देती है।
फिल्मी ड्रिप रेटिंग
⭐ रेटिंग: 3.5/5
🎬 जॉनर: हॉरर, थ्रिलर, मिस्ट्री
📅 ओटीटी रिलीज: 17 अक्टूबर 2025 (Zee5)
🎭 कास्ट: साईं श्रीनिवास, अनुपमा परमेश्वरन, मकरंद देशपांडे, तनीकेल्ला भरानी
🎥 डायरेक्टर: कौशिक पेगल्लापति
FAQs: किष्किंधापुरी से जुड़े आम सवाल
Q1. किष्किंधापुरी फिल्म की कहानी क्या है?
यह एक कपल की कहानी है जो एक हॉन्टेड रेडियो स्टेशन पर जाते हैं और वहां से शुरू होता है मौत और डर का सिलसिला।
Q2. फिल्म ओटीटी पर कब रिलीज हो रही है?
यह फिल्म Zee5 पर 17 अक्टूबर 2025 को शाम 6 बजे रिलीज होगी।
Q3. क्या यह फिल्म फैमिली के साथ देखी जा सकती है?
अगर आपकी फैमिली को हॉरर फिल्में पसंद हैं तो हां, लेकिन बच्चों के लिए कुछ सीन डरावने हो सकते हैं।
Q4. फिल्म की IMDb रेटिंग कितनी है?
फिल्म ने IMDb पर 8.8/10 की रेटिंग हासिल की है।
Q5. क्या यह फिल्म किसी सच्ची घटना पर आधारित है?
नहीं, लेकिन इसकी कहानी और कॉन्सेप्ट असली घटनाओं से प्रेरित लगते हैं।
Q6. क्या फिल्म का क्लाइमैक्स डरावना है?
जी हां! फिल्म का क्लाइमैक्स सबसे बड़ा हाइलाइट है, जो दर्शकों को झटका देने वाला अनुभव देता है।
निष्कर्ष: डर और दिल का जबरदस्त संगम
किष्किंधापुरी एक ऐसी फिल्म है जो हॉरर, मिस्ट्री और इमोशन को एक साथ बांधती है।
यह सिर्फ डराती नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करती है।
रेडियो की रहस्यमयी आवाज़ें, राघव-मैथिली की जर्नी और कौशिक पेगल्लापति का डायरेक्शन — सब मिलकर इसे एक यादगार हॉरर थ्रिलर बना देते हैं।
अगर आपने अब तक नहीं देखी, तो इस वीकेंड Zee5 पर जरूर देखें — क्योंकि किष्किंधापुरी सिर्फ डर नहीं देती, बल्कि एक नया अनुभव देती है।