India vs South Africa Final: शैफाली वर्माकी 87 रनों की तूफानी पारी और दीप्ति शर्मा के 5 विकेटऔर 58 रनों से भारत ने ICC Women’s World Cup 2025 जीत लिया।
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नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में रविवार रात वो पल आया, जिसका इंतज़ार करोड़ों भारतीयों ने किया था।
जैसे ही नादिन डी क्लार्क का शॉट डीप्टी शर्मा की गेंद पर एक्स्ट्रा कवर की ओर उड़ा हरमनप्रीत कौर ने पीछे चलते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाए, और गेंद को मजबूती से पकड़ लिया। उसी क्षण भारत ने क्रिकेट इतिहास का एक नया अध्याय लिख दिया टीम इंडिया पहली बार महिला वनडे विश्व चैंपियन बनी।
भारत की ऐतिहासिक जीत ,52 रनों से दर्ज की गई शानदार जीतफाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर अपने नाम किया पहला वुमेंस वर्ल्ड कप खिताब।भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवर में 298/7 रन बनाए, जिसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 पर ढेर हो गई। इस जीत की नायिका रहीं डीप्टी शर्मा (5 विकेट और 58 रन), शफाली वर्मा (87 रन और 2 विकेट)
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India vs South Africa Final Shafali Verma का तूफान: करियर की बेस्ट पारी
साउथ अफ्रीका के खिलाफ खचाखच भरे स्टेडियम में 45,000 से अधिक फैंस और अरबों भारतीय दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए 21 वर्षीय हरियाणा की बल्लेबाज़ ने 78 गेंदों में 87 रनों की करियर-बेस्ट पारी खेली।उनकी पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। मैदान पर यह पारी किसी तूफ़ान से कम नहीं थी — ‘Shafali Storm’ जिसने बारिश के बाद पूरे मैच का माहौल पलट दिया।
स्मृति मंधाना के साथ शतकीय साझेदारी
वाइस-कैप्टन स्मृति मंधाना (45 रन, 58 गेंद) के साथ शफाली ने पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को मजबूत शुरुआत दी और टीम को बड़े स्कोर की नींव दी।
फ्लैट पिच पर दोनों ओपनरों ने साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया, और स्कोरबोर्ड को तेज़ी से आगे बढ़ाया।
घरेलू क्रिकेट से मिली आत्मविश्वास की लहर
Shafali Verma ने बताया कि उनका आत्मविश्वास हाल ही में खेले गए Senior Women’s T20 League (Surat) से आया, जहां उन्होंने 341 रन 182.35 के स्ट्राइक रेट से बनाए थे।
वो इस टूर्नामेंट की टॉप रन-गेटर रही थीं, और इसी फॉर्म को उन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल में भी दोहराया
1 साल बाद शानदार वापसी शैफाली वर्मा
करीब एक साल बाद भारत की WODI टीम में लौटी थीं। पिछली बार उन्होंने अक्टूबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में मैच खेला था।
वापसी के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में भी धमाकेदार शुरुआत की थी, और अब फाइनल में इस प्रदर्शन ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी।
नया रिकॉर्ड: वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी
शैफाली वर्मा का 87 रन अब तक का भारत की ओर से किसी भी वर्ल्ड कप फाइनल में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर बन गया है , चाहे वो पुरुष हों या महिला खिलाड़ी।इससे पहले यह रिकॉर्ड पूनम राऊत के नाम था (86 रन बनाम इंग्लैंड, 2017)।
वहीं पुरुषों में यह रिकॉर्ड वीरेंद्र सहवाग के 82 रन (2003 वर्ल्ड कप फाइनल, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) का था। सिर्फ 21 साल 278 दिन की उम्र में शफाली वर्मा अब महिला वर्ल्ड कप फाइनल में फिफ्टी लगाने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गई हैं।
टीम ने दिया शैफाली वर्मा को खुलापन और भरोसा
शैफाली वर्मा ने मैच के बाद कहा —
“टीम में वापसी पर मुझे सभी ने बहुत सपोर्ट किया — कोच, कैप्टन, स्मृति दी। उन्होंने कहा बस अपना नैचुरल गेम खेलो। मुझे आज़ादी मिली और मैंने वही किया — अच्छी गेंदों का सम्मान और जो मेरे हिटिंग रेंज में थी, उन्हें मैदान के बाहर भेजा।”
दीप्ति शर्मा का जादू: गेंद से मचाई तबाही
बल्लेबाज़ी के बाद भारतीय गेंदबाज़ों ने भी कमाल किया।दीप्ति शर्मा ने अपने शानदार स्पेल से साउथ अफ्रीका को झकझोर दिया, तीन विकेट लेकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी।उनकी कसी हुई गेंदबाज़ी ने साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज़ों पर लगातार दबाव बनाया, जिससे रन रेट 7 से ऊपर चला गया।
दुनिया की प्रतिक्रियाएं: भारत के लिए गर्व का पल
भारत की इस जीत पर पूरा देश झूम उठा — नेताओं से लेकर खिलाड़ियों तक, सभी ने बधाइयां दीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (Twitter) पर लिखा:
“भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप फाइनल में अद्भुत आत्मविश्वास और कौशल दिखाया। यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।”
गृह मंत्री अमित शाह का संदेश:
“विश्व चैंपियन टीम इंडिया को सलाम। आपने करोड़ों लड़कियों के लिए प्रेरणा का मार्ग तैयार किया है।”
सचिन तेंदुलकर ने कहा:
“1983 ने देश को प्रेरित किया था, आज हमारी बेटियों ने नया इतिहास रचा है।”
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मैच का रोमांचक समापन भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ हुआ। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवरों में 298 रन बनाए और 7 विकेट खोए। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रनों पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह मुकाबला 52 रनों से अपने नाम किया।
डीवाई पाटिल स्टेडियम, नवी मुंबई में खेले गए इस फाइनल मैच में लगभग 45,000 दर्शक मौजूद थे, जिन्होंने अपनी टीम का हौसला बढ़ाया। भीड़ का जोश और खिलाड़ियों की मेहनत ने इस मुकाबले को यादगार बना दिया।
मैच की नायिका रहीं दीप्ति शर्मा, जिन्होंने न केवल गेंद से कमाल दिखाते हुए 5 विकेट झटके, बल्कि बल्ले से भी 58 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत उन्हें “प्लेयर ऑफ द मैच” और “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” दोनों खिताबों से सम्मानित किया गया।
यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के नए युग की शुरुआत थी — जहां हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि अब महिला क्रिकेट में भी भारत अजेय है।